C Programming Class-6: Switch Case क्या है और इसका उपयोग कैसे करें?
हेलो दोस्तों! C Programming की पिछली क्लास में हमने if-else का उपयोग करके मार्कशीट बनाना सीखा था। आज की Class-6 में हम एक बहुत ही पावरफुल फीचर के बारे में जानेंगे जिसे Switch Case कहा जाता है।
Switch Case क्या है? (What is Switch Case?)
जब हमें एक ही वेरिएबल (Variable) की तुलना कई अलग-अलग वैल्यूज़ से करनी होती है, तो हम if-else-if की लंबी लिस्ट बनाने के बजाय Switch Case का इस्तेमाल करते हैं। यह कोड को साफ़-सुथरा और पढ़ने में आसान बनाता है।
C Programming Class-5: Marksheet Program using If-Else in Hindi
इसे समझने के लिए सबसे अच्छा उदाहरण है— "हफ़्ते के दिनों के नाम (Days of the Week)"। अगर हम 1 दबाएँ तो Monday आए, 2 दबाएँ तो Tuesday आए, और इसी तरह।
Switch Case का प्रोग्राम (Example Program):
इस प्रोग्राम में हम यूजर से 1 से 7 के बीच कोई नंबर मांगेंगे और प्रोग्राम बताएगा कि उस दिन कौन सा वार (Day) है
Code
#include <stdio.h>
int main() {
int day;
printf("1 से 7 के बीच कोई नंबर डालें (जैसे 1 Monday के लिए): ");
scanf("%d", &day);
switch(day) {
case 1:
printf("आज Monday है।\n");
break;
case 2:
printf("आज Tuesday है।\n");
break;
case 3:
printf("आज Wednesday है।\n");
break;
case 4:
printf("आज Thursday है।\n");
break;
case 5:
printf("आज Friday है।\n");
break;
case 6:
printf("आज Saturday है।\n");
break;
case 7:
printf("आज Sunday है।\n");
break;
default:
printf("गलत नंबर! कृपया 1 से 7 के बीच ही नंबर डालें
।\n");
}
return 0;
}
कोड को समझें (Explanation):
switch(day): यहाँ day वह वेरिएबल है जिसकी वैल्यू को हम चेक कर रहे हैं।
कैसे एक चींटी ने उठाया एक विशाल पहाड़ को जानिए क्या हुआ आखरी मोड़ में
case 1, case 2...: ये अलग-अलग विकल्प हैं। अगर यूजर '1' डालेगा तो case 1 वाला कोड चलेगा।
break; यह सबसे ज़रूरी है। break प्रोग्राम को बताता है कि काम पूरा हो गया है, अब स्विच से बाहर निकल जाओ। अगर आप break नहीं लगायेंगे, तो उसके नीचे के सारे केस भी चल जायेंगे।
default: अगर यूजर 1 से 7 के अलावा कोई और नंबर (जैसे 10) डाल देता है, तो default वाला मैसेज दिखाई देगा। यह if-else के else की तरह काम करता है।
Switch Case के फायदे:
कोड छोटा और आसान दिखता है।
प्रोग्राम तेज़ी से रन (Run) होता है।
इसमें गलतियों की संभावना कम होती है।
निष्कर्ष (Conclusion):
आज हमने सीखा कि Switch Case का इस्तेमाल करके हम मेनू-आधारित (Menu-driven) प्रोग्राम कैसे बना सकते हैं। आप इसे घर पर 'Calculator' बनाने के लिए भी ट्राई कर सकते हैं!
अगली क्लास (Class-7) में हम सीखेंगे: Loops (For, While) क्या होते हैं?
C Programming Class-5: Marksheet Program using If-Else in Hindi
C Programming Class-4: If-Else Statements (हिंदी में)
Programming Class-3: कंप्यूटर से बात करें! (scanf का इस्तेमाल)
C Programming Variables और Data Types क्या हैं? पूरी जानकारी (Class-2)
C Programming क्या है? पूरी जानकारी और इसका भविष्य
कैसे खरगोश के ऊपर जब आसमान गिरने लगा
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें